उत्तराखंड वृद्धावस्था पेंशन योजना ऑनलाइन आवेदन, उद्देश्य, पात्रता | Old Age Pension Uttarakhand in Hindi - Gram Chaupal

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Wednesday, 28 October 2020

उत्तराखंड वृद्धावस्था पेंशन योजना ऑनलाइन आवेदन, उद्देश्य, पात्रता | Old Age Pension Uttarakhand in Hindi

उत्तराखंड वृद्धावस्था पेंशन योजना का संचालन समाज कल्याण विभाग कर रहा है। वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत पेंशनर को 1200 रूपये प्रतिमाह दिए जाने का प्रावधान है। 60 से लेकर 79 वर्ष की उम्र तक के बीपीएल लाभार्थियों को यह पेंशन सरकार की ओर से दी जाती है। इसमें एक हजार रूपये उत्तराखंड राज्य सरकार की ओर से दिए जाते हैं, जबकि 200 रूपये का अंशदान केंद्र सरकार की ओर से दिया जाता है।

इसी प्रकार 80 वर्ष से अधिक उम्र के बीपीएल लाभार्थियों को 1200 रूपए पेंशन दी जाती है। इसमें 700 रूपए राज्य सरकार की ओर से प्रदान किए जाते हैं, जबकि 500 रूपए का अंशदान केंद्र सरकार की ओर से दिया जाता है। यह पेंशन पेंशनरों को हर तीन माह बाद प्रदान की जाती है। तीनों माह की पेंशन एक साथ। पेंशन बैंक खाते में आने से संबंधित सूचना पेंशनरों को उनके दिए गए मोबाइल नंबर पर एक एस एमएमएस के माध्यम से पहुंच जाती है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि उन्हें पेंशन के लिए इधर उधर भटकना नहीं पड़ता।

उत्तराखण्ड वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज – Documents required for Uttarakhand Old Age Pension Scheme

  • आवेदक की आधार संख्या
  • आवेदक का बीपीएल प्रमाण पत्र
  • साथ ही आवेदक का आय प्रमाण पत्र
  • आवेदक का जन्मतिथि प्रमाण पत्र
  • आवेदक का आयु प्रमाण पत्र
  • साथ ही आवेदक की बैंक खाता संख्या
  • आवेदक के डाकघर/बैंक शाखा पासबुक के प्रथम पृष्ठ की फोटो काॅपी
  • आवेदक का वोटर पहचान पत्र
  • एंव आवेदक का स्वयं या नजदीकी का मोबाइल नंबर

उत्तराखंड वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए पात्रता – Eligibility for Uttarakhand Old Age Pension Scheme

  • लाभार्थी की आयु 60 साल या इससे अधिक होनी आवश्यक है।
  • लाभार्थी या तो बीपीएल परिवार से हो या फिर उसकी मासिक आय 4000 रूपये से अधिक न हो।
  • यदि अभ्यर्थी के कोई पुत्र या पौत्र है और उसकी उम्र 20 वर्ष से अधिक है, लेकिन वह गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हों तो ऐसे व्यक्ति को पेंशन दी जाएगी।
  • बीपीएल यानी गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले 60 साल से अधिक उम्र के सभी अभ्यर्थी वृद्धावस्था पेंशन योजना के दायरे में आएंगे।
  • 60 साल या उससे अधिक उम्र के वृद्ध, जो बीपीएल चयनित परिवार के सदस्य न हों, उन्हें पेंशन की सारी धनराशि राज्य सरकार की ओर से दी जाती है।
उत्तराखण्ड वृद्धावस्था पेंशन योजना का उद्देश्य क्या है? What is the purpose of Uttarakhand Old Age Pension Scheme?

उत्तराखंड वृद्धावस्था पेंशन योजना का उद्देश्य वृद्ध लोगों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। इसके तहत निराश्रित वृद्धों को उनके भरण पोषण के लिए वृद्धावस्था पेंशन योजना लागू की गई है। यह 60 साल से अधिक उम्र के निराश्रित वृद्ध लोगों को कुछ मानकों और शर्तों के मुताबिक प्रदान करने की व्यवस्था बनाई गई है।

यह पेंशन योजना बेहद सफल रही है। देश के विभिन्न राज्यों में पेंशन योजनाएं चलाई जा रही हैं। निर्धारित पात्रता के आधार पर कुछ आवश्यक दस्तावेज जमा कराकर लाभार्थियों को इन योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाता है। उत्तराखंड वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ उठाने वाले पेंशनर भी लाखों में हैं।

उत्तराखंड वृद्धावस्था पेंशन योजना में आवेदन कैसे करें? Offline Application Process For Uttarakhand Old Age Pension Scheme

अब हम आपको बताएंगे कि उत्तराखंड वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किस प्रकार किया जाए। हम आपको बता दें कि इस योजना के लिए आवेदन offline और online दोनों तरीके से किया जा सकता है। ग्रामीण इलाकों में अभी भी offline आवेदन करने वालों की संख्या अधिक देखने को मिलती है। दोस्तों, पहले हम आपको इस योजना का लाभ लेने के लिए Offline आवेदन करने की प्रक्रिया के बारे में बताएंगे, जो कि इस प्रकार से किया जा सकता है-

आपको उत्राखंड समाज कल्याण विभाग की साइट sspy-uk.gov.in को ओपन करना होगा। यहां पेंशन फाॅर्म के लिए क्लिक करें विकल्प पर क्लिक करना होगा। आप यहाँ क्लीक करके फॉर्म डायरेक्ट डाउनलोड कर सकतें हैं। https://ssp.uk.gov.in/Documents/OldAge.pdf

यहां से आप पेंशन के फार्म को डाउनलोड करें। इस फाॅर्म का प्रिंट लेकर उसे भरना होगा।

इसमें पूछी गई जानकारी मसलन नाम, पिता/पति कानाम, स्थायी पता, मोहल्ला/ग्राम, पोस्ट आफिस, ग्राम पंचायत/वार्ड का नाम, न्याय पंचायत, तहसील, जाति, जन्म तिथि, बैंक खाता संख्या सही सही भरनी होगी।

इसी में सही सूचना दिए जाने का घोषणा पत्र भरना होगा। फाॅर्म के साथ संबंधित दस्तावेज संलग्न करने होंगे।

इसके बाद इसे अपने जन प्रतिनिधि के माध्यम से समाज कल्याण विभाग या तहसील में जमा करा दें।आवेदन को ग्राम प्रधान/सदस्य क्षेत्र पंचायत/ जिला पंचायत अध्यक्ष/सभासद नगरपालिका/ग्राम विकास अधिकारी पंचायत के माध्यम से जमा कराया जा सकता है।

इस तरह से आपका फाॅर्म जमा हो जाएगा और पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए आपका आवेदन संपन्न हो जाएगा।

उत्तराखंड वृद्धावस्था पेंशन योजना ऑनलाइन में आवेदन कैसे करें?

दोस्तों, इसी तरह आनलाइन आवेदन करने के लिए भी आपको एक सरल सी प्रक्रिया का पालन करना होगा, जो किस इस प्रकार से है-

  • सबसे पहले sspy-uk.gov.in/index.aspx लिंक पर जाकर क्लिक करें। यहां आपको उत्तराखंड वृद्धावस्था पेंशन योजना का विकल्प दिखाई देगा। इस पर क्लिक करें।


  • योजना पर क्लिक करने के बाद आपकी स्क्रीन पर एक नया पेज खुलेगा। इस पेज पर आपको आनलाइन आवेदन करें का विकल्प दिखाई देगा। आपको इस विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद आपके सामने एक और पेज खुल जाएगा। इसमें आपको कई विकल्प दिखाई देंगे। यहां आपको न्यू एंट्री फाॅर्म के विकल्प पर क्लिक करना है।
  • इसके पश्चात आपके सामने एक फाॅर्म खुल जाएगा। आपको इस फाॅर्म में सही सही जानकारी भरकर नीचे दिए सेव के विकल्प पर क्लिक करना है।
  • फाॅर्म जमा हो जाने के बाद इस संबंध में मैसेज आपके फोन पर आ जाएगा।

उत्तराखंड वृद्धावस्था पेंशन योजना हेल्पलाइन नम्बर्स – Uttarakhand Old Age Pension Scheme Helpline Numbers
यदि आपको उत्तराखंड वृद्धावस्था पेंशन का form भरने में कोई भी दिक्कत आती है तो आप समाज कल्याण विभाग की ओर से जारी टोल फ्री हेल्पलाइन पर फोन कर अपनी समस्या का समाधान पा सकते हैं। यह नंबर 18001804094 है। इसके अलावा ईमेल के जरिये भी अपनी दिक्कत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा सकते हैं। आप इस ईमेल आईडी social welfare.uk.gov.in पर मेल भेज सकते हैं।
यदि आप इनमें से कोई भी तरीका नहीं अपनाना चाहते हैं तो एक और विकल्प है। आप सीधे समाज कल्याण विभाग पहुंचकर वहां संबंधित अधिकारियों से योजना के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। सरकार भी प्रचार माध्यमों के माध्यम से जनहित से जुड़ी इस तरह की योजनाओं का जमकर प्रचार प्रसार करती है। दोस्तों, आप तो जानते ही होंगे कि राज्य में होने वाले चुनाव के दौरान राज्य सरकारें अपनी इन तमाम योजनाओं को अपनी उपलब्धि बताकर प्रचारित करती हैं। उन्हें इस प्रचार की बदौलत मतदाताओं के वोट भी खूब मिल जाते हैं।


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